Advanced Search
اردو
English
 
 
 
  NS1: 528   
तहयतुल मसजिद पढ़ने की दुसरी कैफियत

  NS1: 527   
नबी करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के मधुर बाल

  NS1: 526   
नूरे-मुसतफा सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम की उत्पत्ति

  NS1: 525   
क़ुरान में नमाज़ का आदेश

  NS1: 524   
पायजामे या तेबंद टखनों से नीचे लिटाए हुए नमाज़ पढ़ने की वईद व चेतावनी

  NS1: 383   
हसद के विनाश-

  NS1: 467   
बीवी के लिए अल्लाह के बाद आज्ञापालन में पति का दर्जा है-

  NS1: 523   
हज़रत सफवान की पत्नी की हुज़ूर की सेवा में अपने पति की शिकायत और इस पर हुज़ूर का निर्णय

  NS1: 522   
पैगम्बर - निर्माण के मार्ग-दर्शक

  NS1: 521   
पसंदीदा फक़्र व गरीबी

 
> Back
संवाद सविस्तार
   
  क़ुरान में नमाज़ का आदेश
   
 

 क़ुरान में नमाज़ का आदेश

 

(1)- और अल्लाह तआला का आदेश हैः भाषांतरः और उन लोगों को (पिर्व किताबों में) यही आदेश हुआ था के केवल अल्लाह ही की बन्दगी की नीयत से एकसो हो कर उस की इबादत करें। 

(सुरह अल बैयिनहः 98:05) 

 

स्पष्टीकरणः- इस आयत से मालूम होता है के इबादत निपुण खुलूस के साथ अल्लाह तआला के लिए अमल करने को केहते हैं और खुलूस का नीयत पर निर्भर है क्यों के नमाज़ भी इबादत है इस कारण से इस को खुलूस नीयत से संपादन करना चाहिए।  यही कारण है नमाज़ के लिए नीयत शर्त है।  (तअल्लुक़ अला अस सुनन)

 

(2)- और अल्लाह तआला का आदेश हैः-

भाषांतरः और अपने रब की बढ़ाईयाँ बयान करो। 

(सुरह अल मुद्दस्सिरः 74:02) 

 

(3)- और अल्लाह तआला का आदेश हैः-

भाषांतरः और अपने रब का नाम लेकर नमाज़ पढ़ता रहा। 

(सुरह अल आलाः 87:15) 

 

(4)- और अल्लाह तआला का आदेश हैः-

भाषांतरः जितना क़ुरान आसानी से पढ़ा जाए पढ़ लिया करो। 

 

(सुरह अल मुज़्ज़म्मिलः 73:20) 

 

स्पष्टीकरण: इस आयत से मुतलक़ क़िरात की फरज़ियत साबित होती है। 

 

(6)- और अल्लाह तआला का आदेश हैः

भाषांतरः ये क़ुरान साफ फसीह अरबी भाषा में है जिस का वर्णन पूर्व (उम्मतियों की) आसमानी किताबों में भी है। 

 

(सुरह शुअराः 26:195) 

 

स्पष्टीकरणः इस आयत से मालूम होता है के क़िरात अरबी भाषा में ही होना चाहिए यदि इस का भाषांतर पढ़ा जाए तो इस का क़ुरान पर इतलाक़ ना होगा तथा नमाज़ अदा ना होगी। 

 

(7)- और फरमाया रुकू करो। 

 

स्पष्टीकरणः इस आयत से रुकू की फरज़ियत साबित होती है। 

 

(8)- और अल्लाह तआला का आदेश हैः-

भाषांतरः और अपने हाथों को रोके रहो और नमाज़ की पाबंदी रखो। 

(सुरह अन निसाः 04:77) 

 

{उद्धरणः नूरुल मसाबीह, जिल्द 02}

   
 
 
 
 
 
 
Mail to Us    |    Naqshbandi Calendar    |    Photo Gallery    |    Tell your friends   |    Contact us
Copyright 2008 - Ziaislamic.com All Rights Reserved