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  NS1: 528   
तहयतुल मसजिद पढ़ने की दुसरी कैफियत

  NS1: 527   
नबी करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के मधुर बाल

  NS1: 526   
नूरे-मुसतफा सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम की उत्पत्ति

  NS1: 525   
क़ुरान में नमाज़ का आदेश

  NS1: 524   
पायजामे या तेबंद टखनों से नीचे लिटाए हुए नमाज़ पढ़ने की वईद व चेतावनी

  NS1: 383   
हसद के विनाश-

  NS1: 467   
बीवी के लिए अल्लाह के बाद आज्ञापालन में पति का दर्जा है-

  NS1: 523   
हज़रत सफवान की पत्नी की हुज़ूर की सेवा में अपने पति की शिकायत और इस पर हुज़ूर का निर्णय

  NS1: 522   
पैगम्बर - निर्माण के मार्ग-दर्शक

  NS1: 521   
पसंदीदा फक़्र व गरीबी

 
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संवाद सविस्तार
   
  हज़रत अमीर हमज़ा रज़ियल्लाहु तआला अन्हु - शहीदों के सरदार होने का सौभाग्य
   
 

 हज़रत अमीर हमज़ा रज़ियल्लाहु तआला अन्हु -

शहीदों के सरदार होने का सौभाग्य

  

सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने अपनी मुबारक ज़बान से सैयदना अमीर हमज़ा रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु की विशाल शहादत से संबंधित आदेश फरमाया के आप समुदाय के शहीदों के सरदार व मुखिया हैं।  जैसा के इ़माम हाकिम रहमतुल्लाहि अलैह ने रिवायत की हैः-

 

भाषांतरः- हज़रत जाबिर बिन अबदुल्लाह रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम से वर्णित करते हैं, आप ने आदेश फरमायाः हमज़ा बिन अबदुल मुत्तलिब सम्पूर्ण शहीदों क सरदार व मुखिया हैं तथा एक वह हसती भी शहीदों के सरदार है जो किसी अत्याचारी राजा के सामने सत्य का झण्डा बुलंद करे तथा इसे भलाई का आदेश दे तथा बुराई से रोके एवं वह राजा इसे शहीद कर दे। 

 

(अल मुसतदरक अला सहिहैन लिल हाकिम, हदीस संख्याः 4872) 

 

अधिक इस रिवायत को इमाम तबरानी ने मुअ़जम अल औसत में इ़माम आज़म अबु हनीफा रहमतुल्लाहि अलैह से रिवायत व्याख्या की है। 

 

(अल मुअ़जम अल औसत लिल तबरानी, हदीस संख्याः 4227)

   
 
 
 
 
 
 
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