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तहयतुल मसजिद पढ़ने की दुसरी कैफियत

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पति यदि बीवी को अति कठिन काम का भी आदेश दे तो वह इस को संपादन करे

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बीवी अपने पति को और एक मनुष्य दुसरे मनुष्य को जीवन में और ना मरने के बाद क़ब्र को सजदा करे

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क़ुरान में नमाज़ का आदेश

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बीवी के लिए अल्लाह के बाद आज्ञापालन में पति का दर्जा है

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सर्वश्रेष्ठ महिला के गुण व लक्षण

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पति की संतुष्टि पत्नी के जन्नत में दाखिल होने का कारण

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नारी को जन्नत में प्रवेश करने वाले कर्म

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किसी की ओर झूठ बाँधने की मज़म्मत

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हज़रत सफवान की पत्नी की हुज़ूर की सेवा में अपने पति की शिकायत और इस पर हुज़ूर का निर्णय

 

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पत्नी पर फरिश्तों की लानत और अल्लाह तआला की नाराज़गी का क्या कारण है

  पत्नी पर फरिश्तों की लानत और

अल्लाह तआला की नाराज़गी का क्या कारण है

 

भाषांतरः हज़रत अबु हुरैरह रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से वर्णित है वे फरमाते हैं के रसूलउल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने आदेश किया है के जब कोई पुरुष अपनी पत्नी को (सोहबत के लिए अपने) बिस्तर पर बुलाए और वह (किसी शरई कारण व तकलीफ के बिना) इन्कार करे और पति रात (इस पर) क्रोध में बिता दे तो इस (नारी व महिला) पर फरिश्ते सवेरे तक लानत करते रहते हैं। 

 

(इस की रिवायत बुखारी एवं मुसलिम नमाज़ की है)। 

 

भाषांतरः और बुखारी ही की एक और रिवायत में इस प्रकार है के सरकार पाक सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने आदेश किया है के उस जात की क़स्म जिस के हाथ में मेरी जान है जो कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को (सोहबत के लिए) अपने बिस्तर पर बुलाए और वह इन्कार करती रहे तो वह उच्च जात जो आसमान में हैं यानी अल्लाह तआला उस (महिला व स्त्री) पर नाराज़ रहते हैं यहाँ तक के पति इस से संतुष्ट हो जाए।

 

{उद्धरणः नूरुल मसाबीहजिल्द 08}

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