List of Articles  
 
  MD: 141   
तहयतुल मसजिद पढ़ने की दुसरी कैफियत

  MD: 140   
पति यदि बीवी को अति कठिन काम का भी आदेश दे तो वह इस को संपादन करे

  MD: 139   
बीवी अपने पति को और एक मनुष्य दुसरे मनुष्य को जीवन में और ना मरने के बाद क़ब्र को सजदा करे

  MD: 138   
क़ुरान में नमाज़ का आदेश

  MD: 137   
बीवी के लिए अल्लाह के बाद आज्ञापालन में पति का दर्जा है

  MD: 136   
सर्वश्रेष्ठ महिला के गुण व लक्षण

  MD: 135   
पति की संतुष्टि पत्नी के जन्नत में दाखिल होने का कारण

  MD: 134   
नारी को जन्नत में प्रवेश करने वाले कर्म

  MD: 133   
किसी की ओर झूठ बाँधने की मज़म्मत

  MD: 132   
हज़रत सफवान की पत्नी की हुज़ूर की सेवा में अपने पति की शिकायत और इस पर हुज़ूर का निर्णय

 

Share |
रसूलउल्लाह का हज़रत आयशा से खातिरदारी की एक और घटना

  रसूलउल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का

हज़रत आयशा से खातिरदारी की एक और घटना

 

भाषांतरः हज़रत आयशा सिद्दीखा रज़ियल्लाहु तआला अन्हा से वर्णित है वह फरमाती हैं अल्लाह की क़स्म!  मैं ने नबी करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम को देखा है के आप मेरे हुजरे (घर) के दरवाज़े पर खड़े हैं और हबशी लोग मसजिद (के सहन) में छोटी परछियों से खेल रहे हैं (यानी जंगली करतब दिखा रहे हैं) और रसूलउल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम मुझ पर अपनी चादर मुबारक से परदा कर रहे थे ताकि मैं इनके खेल को आप के कान और मोण्ड़े पर से देखुँ फिर आप मेरे लिए खड़े रहे यहाँ तक के मैं खुद (उकता कर वहाँ से) हट गई।  (हज़रत आयशा रज़ियल्लाहु तआला अन्हा फरमाती है) इस से तुम अंदाज़ा करो के कम उमर की लड़की जो खेल कूद की इच्छुक हो वह कितनी देर तक खड़ी रही होगी (और हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम मेरे लिए अंत तक खड़े रहे)। 

 

(इस की रिवायत बुखारी और मुसलिम ने की है)। 

 

स्पष्ट हो के महिलाओं का अजनबी पुरुषों को देखना इस बारे में तफसीली बहस इस पुस्तक में हदीस संख्याः 37 के फायदे में बीत चुकी है दर्शन कर लें।

 

{उद्धरणः नूरुल मसाबीहजिल्द 08}

submit

Copyright 2008 - Ziaislamic.com All Rights Reserved