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f:2192 -    मसजिद नबवी में 40 नमाज़ें संपादन करने की प्रतिष्ठा
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Question:     मसजिद नबवी में 40 नमाज़ें संपादन करने की प्रतिष्ठा
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Answer:     मदीने में पैगम्बरों के मुखिया सरकार सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम के उच्च दरबार में उपस्थित होना हर मोमिन का तथ्यपूर्ण लक्षय होता है तथा जिस मसजिद को सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम से विशेष संबंध प्राप्त हो, इस में अधिक से अधिक नमाज़ें संपादन करना विशाल कृपा है।  

मसजिद नबवी में 40 नमाज़ें संपादन करने का जो विशेष प्रबंध किया जाता है तथा हर वर्ग व क़ाफिले के प्रबंधक विशेष प्रबंध करते हैं।  इस का कारण यह है के हज़रत रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने मसजिद नबवी शरीफ में 40 नमाज़ें संपादन करने वाले के लिए नरक से आज़ादी व रिहाई, निफाख से सुरक्षा तथा अज़ाब से नजात की घोषणा की जैसा के मुसनद इ़माम अहमद और मजमअ़ अज़ ज़वाईद में हदीस पाक हैः-

भाषांतरः- हज़रत सैयदना अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम से वर्णित करते हैं, आप ने आदेश फरमायाः जो व्यक्ति मेरी (सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम) मसजिद में 40 नमाज़ें संपादन करे तथा इस से कोई नमाज़ ना छोटी हो तो इस के लिए नरक से आज़ादी तथा अज़ाब से नजात व मुक्ति लिख दी गई एवं वह निफाख से सुरक्षित हो गया।  

(मुसनद अ़ल इ़माम अहमद, मुसनद अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु, हदीस संख्याः 12919/ मजमअ़ उज़ ज़वाईद, जिल्द 4, पः 08)  

मजमअ़ उज़ ज़वाईद के लेखक इ़माम अ़ली बिन अबु बक्र बिन सुलैमान हैतमी रहमतुल्लाहि अलैह इस हदीस को व्याख्या करने के बाद फरमाते हैः-

भाषांतरः- मैं कहता हुँ इ़माम तिरमिज़ी ने इस हदीस के कुछ हिस्से को रिवायत किया, इ़माम अहमद ने (अपनी मुसनद में) और इ़माम तबरानी ने मुअ़जम औसत में इस की रिवायत की तथा इस हदीस को रिवायत करने वाले लोग माननीय है।  

अधिक इ़माम तबरानी की मुअ़जम औसत में शब्द में अंतर के साथ वर्णन हैः-

भाषांतरः- सैयदना अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु से वर्णित है, हज़रत रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने आदेश फरमायाः जिस ने मेरी )हज़रत रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम) मसजिद में 40 नमाज़ें संपादन कीं तथा इस से कोई नमाज़ टूट नहीं हुई, अल्लाह तआ़ला इस के लिए नरक से स्वंत्रता तथा अज़ाब से मुक्ति व नजात लिख देता है।  

(अल मुअ़जम अल औसत लिल तबरानी, हदीस संख्याः 5602)

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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