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f:2189 -    पावन ज़ियारत करने वालों को हज़रत अबुल बरकात रहमतुल्लाहि अलैह का अनमोल उपदेश
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Question:     पावन ज़ियारत करने वालों को हज़रत अबुल बरकात रहमतुल्लाहि अलैह का अनमोल उपदेश
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Answer:     पवित्र रौज़े के ज़ियारत करने वालों को उपदेश करते हुए आ़रिफ बिल्लाह अबुल बरकात हज़रत सैय्यद खलील उल्लाह शाह नक्षबंदी मुजद्दिदी खादरी रहमतुल्लाहि अलैह फरमाते हैः-

हज़रत के पिता रहमतुल्लाहि अलैह पर इस समय बहुत अधिक रिख्खत तारी हो जाया करती थी।  जब आप मसजिद नबवी की ज़ियारत करने को वहाँ के विशेष शिष्ठाचार व सभ्याचार के निर्देशन फरमाते।  संचेत करते के देखो!  मदीने का दरबार एक जीवन राजन का दरबार है।  

यह विश्वास रखे के सरकार सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम को तुम्हारे हर कथन व कर्म की तुरंत सूचना हो जाती है।  सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम पावन मज़ार में ऐसे ही जीवित से हैं जैसे अपनी दुनयवी जीवन में थे।  

यह समझाते हुए अकसर इस घठना को भी वर्णन करते थे के एक हाजी ने अपने ज़माने में मदीना में अपने एक साथी से कहा था के मदीने की हर चीज़ अच्छी है किन्तु यहाँ के दही में ज़रा बू है।  इसी रात सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने सपने में तशरीफ लाय तथा फरमाएः यदि तुम को हमारे पास का दही पसंद नहीं तो हम यहाँ क्यों रहते हो?  

इस घटा को सुना कर मदीने की ज़ियारत करने वाले को सावधान कर दिया के वहाँ निवास के दौरान अपने कथन व कर्म में कठिन सावधानी रखें।  

सावधान! वहाँ किसी का दिल को दुःख पहुंचना ना पाय।  

(कुताबुल हज्ज व ज़ियारह, पेश लफ्ज़, पः 05)  

हाजी व ज़ियारत करने वाले मक्के तथा मदीने में अपने निवास को बहुत कुछ समझें।  नमाज़ों की पाबंदी करें, नमाज़ पाँच समय के अतिरिक्त तहाज्जुद की नमाज़, इशराख, चाश्त तथा अवाबीन आदि का प्रबंध करें।  अहराम की स्थिति में तलबिया की कसरत करें, दुरूद शरीफ का जारी रखें।  

मदीने में निवास के दौरान मसजिद खुबा, तथा मसजिद खिबलतैन में 2 रकात संपादन करें।  जन्नतु बखीअ़ जहाँ लगभग 10,000 से अधिक सहाबा किराम व अहले बैत किराम, ताबई़न व इमामों के मज़ारात हैं।  इस कीभी ज़ियारत करें उहुद शरीफ जिस के दामन में शहीदों के मुखिया हज़रत अमीर हमज़ा रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु का मुबारक मज़ार (समाधि) तथा अन्य शहीदों के मज़ारात हैं इस की भी ज़ियारत करें।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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