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فتاویٰ > व्यवसाय > हलाल व हराम का वर्णन

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f:2030 -    टैटू व गोदने का पेशा
Country : ऑस्ट्रेलिया,
Name : मुहम्मद हामिद
Question:     मुफती साहब!  एक प्रश्न आपकी सेवा में भेज रहा हुँ, उत्तर प्रदान करें, आज कल ये फैशन बहुत साधारण हो गया है के सुई से त्वचा व खाल पर बारी छेद ड़ाले जाते हैं तथा सुरह आदि से लकीरें बनाई जाती हैं वे लकीरें बनने के बाद खाल पर रह जाती है, फिर नहीं निकलती, इस को अँग्रेजी में “Tattoo” कहते हैं, ये फैशन लड़कों में भी है ये एवं लड़कियों में भी, हाथ पैर, पीछ एवं शरीर के किसी भी भाग पर डिज़ाइन करवाए जाते हैं, जहाँ ये फैशन सामान्य हो रहा है वहीं ये डिज़ाइन बनाना (टैटू) पेशा बन चुका है, एवं दक्षिण अमरीका, उत्तर अमरीका, जापान, यूरोप, न्यूज़ीलैंड, चीन एवं अफ़्रीका में बहुत फैल रहा है।  इश को मुसलमान भी पेशा बना रहे हैं, क्या ये डिज़ाइन करवाना एवं इस डिज़ाइन को पेशा बनाना इसलाम में श्रेष्ठ है?
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Answer:     आप ने टैटू के जिस फैशन से संबंधित प्रश्न किया है इस को ऊर्दू भाषा में गोदना एवं अरबी भाषा में वश्म कहते हैं, ये शरीअत के आधार में हराम है।  प्राचीन काल में ये तरीके केवल महिलाओं में था।  

हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने गोदने वाली एवं गुदाने वाली महिलाओं पर विपद व लानत की है जैसा के सहीह बुखारी, जिल्द 02, पः 805 में हदीस पाक हैः-

भाषांतरः हज़रत औन बिन अबु जुहैफा रज़ियल्लाहु तआला अन्हु अपने पिता से वर्णित करते हैं के हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने गोदने वाली एवं गुदाने वाली पर लानत की।  

मुसलमान को चाहिए के दुष्टतर फैसन से बचें तथा इस को पेशा ना बनाएँ कोई फैशन या पेशा अपनाना हो तो पावन शरीअत के पवित्र शिक्षण के आधार में हो देखना चाहिए यदि वे शरीअत के शिक्षण के विरुद्ध ना हो तो इस को अपनाने में कोई समस्या नहीं।  

एवं यदि इसलाम के कानून के किसी आदेश के विरुद्ध हो तो इस से दूर रहना अनिवार्य व अवश्य है तथा इसी में संसार व परलोक की सफलता है।  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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