***** For other Fatawa, please click on the topics on the left *****



विषय की सूची

فتاویٰ > व्यवसाय > हलाल व हराम का वर्णन

Share |
f:2026 -    टेस्ट ट्यूब बेबी के द्वारा अजनबी पुरुष का शुक्राणु उपयोग करने का आदेश
Country : यू ए ई,
Name :
Question:     मुझे मधुमेह रोग (बहुमूरोग व डाइअबीटीज़) है।  मेरा विवाह हो कर 4 वर्ष हुए किन्तु अब तक औलाद नहीं हुई।  डाक्टर ने मुझ से कहा के मेरे भीतर शुक्राणु (वीर्य) की समस्या है, डाक्टर ने सुझाव दिया के किसी दुसरे व्यक्ति का शुक्राणु ले कर मेरी पत्नी के गर्भाशय में ड़ालें, क्या ये इसलाम में जायज़ है?
............................................................................
Answer:     टेस्ट ट्यूब (परखनली) उपयोग करने की वे सम्पूर्ण स्थिति स्पष्ट रूप से नाजायज़ है जिन में पुरुष का वीर्य व शुक्राणु अजनबी महिला के बीजाणु व स्त्रीबीज से मिलाया जाए या पति एवं पत्नी का वीर्य मिला कर अझनबी महिला के गर्भाशय में विकासित के लिए रखा जाए।  

सुनन अबु दाउद में हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का धन्य आदेश हैः-

भाषांतरः अल्लाह तआला पर और क़ियामत के दिन पर ईमान रखने वाले किसी व्यक्ति के लिए हलाल नहीं के अपने पानी से किसी दुसरे की खेती को उगाए यथा अपनी पत्नी के सिवा किसी और के गर्भाशय में ड़ाले।  

(सुनन अबु दाउद, किताब उन निकाह, हदीस संख्याः 2160 / मुसनद अहमद, हदीस संख्याः 17453)  

उपर्युक्त वर्णन स्थिति में अजनबी वीर्य (शुक्राणु) व स्त्रीबीज का उपयोग हो रहा है जो हदीसों के आधार में निषिद्ध व वर्जित है।  जिस प्रकार अजनबी पुरुष व महिला का आपस में यौन संबंध स्थापित करना या दुसरे की पत्नी को गर्भवती करना, हरामकारी एवं व्यभिचार है।  

इसी प्रकार अजनबी पुरुष व महिला के वीर्य व शुक्राणु एवं स्त्रीबीज या अजनबी महिला के गर्भाशय में वीर्य रखना परिणाम के अनुसार से यही आदेश रखता है।  

अगरचे वीर्य व स्त्रीबीज के इश मिश्रण के कारण, व्यभिचार शरीअत की सीमा (दण्ड) जारी नहीं की जाएगी परन्तु व्यभिचार की प्रकार इस के परिणाम भी हानिकारक व अपकारी, हया की चादर को तार-तार करने वाले तथा वंश व पितृ की प्रणाली को नाश करने वाले हैं।  

अर्थात ये शरन जायज़ नहीं के अजनबी पुरुष का वीर्य (शुक्राणु) आप की पत्नी के गर्भाशय में ड़ाला जाए।  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
All Right Reserved 2009 - ziaislamic.com