***** For other Fatawa, please click on the topics on the left *****



विषय की सूची

فتاویٰ > व्यवसाय > हलाल व हराम का वर्णन

Share |
f:2014 -    बैंक में डिपाज़िट करना
Country : रियाज़,
Name : इबराहीम
Question:     हज़रत मैं एक साधारम आदमी हुँ, सऊदी में विक्रेता की नौकरी करता हुँ, मेरा विवाह हो चुका है, क्या मै कुछ पैसे बैंक में डिपाज़िट (फिक्स) करवा सकता हुँ, क्या ये जायज़ है?  कृपया कर के उत्तर रवाना करें।
............................................................................
Answer:     अल्लाह तआला ने व्यापार (लेन-देन) को हलाल किया एवं ब्याज को हराम घोषित किया, अल्लाह तआला का आदेश हैः-

भाषांतरः अल्लाह तआला ने व्यापार को वैध एवं ब्याज को अवैध ठहराया है।  

(सुरह अल बक़राः 02:275)

बैंक में डिपाज़िट करवाने से संबंधित इसलामी देशों एवं ग़ैर इसलामी देशों के अनुसार से अनेक प्रावधान व अहकाम हैं, क्यों के ग़ैर-इसलामी देशों में अनुचित व्यापार (लेन-देन) जायज़ हैं एवं किसी ग़ैर-मुसलिम के साथ मामला करने पर बिना धोख़ादही के अधिक राशि प्राप्त हो जाए तो ये ब्याज नहीं कहलाती बल्कि जायज़ व मुबाह है।  

इसलामी देशों में ग़ैर-मुसलिम के साथ मामला करने पर अधिक राशि प्राप्त हो तो वह ब्याज कहलाता है जो नाजायज़ व हराम है अर्थात ग़ैर-इसलामी ग़ैर-मुसलिम वित्तीय (आर्थिक व धन सम्बन्धी) संस्था एवं ग़ैर-मुसलिम बैंक में राशि डिपाज़िट करवाने पर जो अधिक राशि प्राप्त होती है वह शरीअत के आधार में ब्याज के अर्थ में (भीतर) प्रवेश नहीं।  

अर्थात इस को उपयोग किया जा सकता है।  किन्तु इसलामी देशों में वर्तमान व उपस्थित आर्थिक संस्थाओं एवं बैंक चाहे मुसलमानों के हों या ग़ैर-मुसलमानों के इस में राशि व पैसे डिपाज़िट करवाने पर जो अधिक राशि व पैसे मिलता है वह ब्याज कहलाता है जो नाजायज़ व हराम है।  

अर्थात इस राशि को सदखा व दान करना वाजिब व अनिवार्य है।  अपने उपयोग में नहीं ला सकते।  

जैसा के अल्लामा बुरहानउद्दीन फरग़ानी रहमतुल्लाहि अलैह ने हिदायह, जिल्द 03, पः 86 में सरकार पाक सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का धन्य आदेश व्याख्या किया है.  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
All Right Reserved 2009 - ziaislamic.com