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فتاویٰ > व्यवसाय > हलाल व हराम का वर्णन

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f:2009 -    बैंड-बाजे (संगीत वाद्य व यंत्र) का व्यापार
Country : निज़ामाबाद,
Name : अब्दुल लतीफ खादरी
Question:     बैंड-बाजे (संगीत वाद्य व यंत्र) का व्यापार करना जायज़ है या नहीं?
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Answer:     गाने-बजाने से संबंधित अनेक हदीसें वर्णन हैं।  इमाम बैहखी की शुअबुल इमान में हदीस पाक व्याख्या हैः-

भाषांतरः हज़रत सैयदना जाबिर बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से वर्णित है हज़रत रसूलउल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने आदेश कियाः गाना-बजाना दिल में निफाख (छप व कपट) को उगाता है जिस प्रकार पानी खेती को उगाता है।  

(शुअबुल इमान लिल बैहखी, हदीस संख्याः 4889)  

गाने-बजाने वाले के कंधों पर शैतान नाचते हैं जैसा के तफसीरात अहमदिया में उल्लेख हैः-  

भाषांतरः हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने आदेश कियाः जो कोई व्यक्ति गाने के द्वारा अपनी आवाज़ को बुलंद व ऊँची करे अल्लाह तआला इस पर 2 शैतानों को स्थापित कर देता है, इन में से एक इस काँधे पर तथा दुसरा उस काँधे पर होता है एवं दोनों लगातार नाचते रहते हैं यहाँ तक के ये व्यक्ति ही शान्त हो जाए।  

(तफसीरात अहमदिया, पः 400)

जैसा के दुर्रुल मुक़तार, जिल्द 05, पः 542 पर उल्लेख हैः-

भाषांतरः सम्पूर्ण प्रकार के व्यर्थ व निर्थक चीज़ें हराम है।  

बैंड-बाजा (संगीत वाद्य व यंत्र) बजाए खुद पाप व अपराध है एवं इस का उपयोग भी गाने-बजाने में किया जाता है इस लए इसका व्यापार करना मकरूह-तहरीमी (कठिन रूप से निषिद्ध) तथा कठिन पाप व अपराध का दोषी है।  

जैसा के दुर्रे मुक़तार, जिल्द 03, पः 343 पर उल्लेख है।  

एवं अधिक रद्दुल मुहतार, जिल्द 03, पः 342 पर भी उल्लेख है।  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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