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فتاویٰ > व्यवसाय > हलाल व हराम का वर्णन

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f:2003 -    टैटू लगवाने व गुदना लगाने के बारे में एक प्रश्न
Country : पाकिस्तान,
Name : सैय्यद मुहम्मद अज़ीज़ जाविद खादरी
Question:     अस्सलामु अलैकुम मुफती साहब!  कृपया इस प्रश्न का उत्तर दीजिए, इसलाम उन टैटू के विषय में क्या कहता है जिन को बनाने के लिए रंगों को शररी में नहीं ड़ाला जाता, बल्कि वह जो ब्रश के द्वारा बनाए जाते हैं?  महिलाओं पर तो शायद हराम होगा क्यों के इस से इन के शररी का प्रदर्शन व नुमाइश होती है, परन्तु क्या पुरुषों के लिए भी हराम है?  

हज़रत प्रथम तो मुझे आप से कुछ पूछना है एवं कहना है, प्रथम क्या ये महिलाओं पर हराम है?  क्या दोनों पर?  या दोनों पर जायज़ है?  तथा मैं जो पूछना एवं कहना चाहता था के क्या ये मेहंदी लगाने जैसा नहीं है?  या फिर वे टैटू जो खाल पर चमक नहीं जाते जिस के कारण से वुज़ू को कोई हानि व नुकसान नहीं पहुँचता तब क्या इस प्रकार के टैटू लगाना जायज़ है या नहीं?  क्यों के मैं नहीं समझता के वह स्टिकर्स जो बुलबुला गम (बबलगम्स) में होते हैं वह खाल पर एक प्रकार स्थापित करते हैं, इसी प्रकार क्या ये टैटू दूसरे स्टिकर्स एवं मेहंदी के आदेश में हैं या नहीं?
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Answer:     वअलैकुम अस्सलाम वरहमतुल्लाहि वबरकातुह!  जिस टैटू (Tattoo) में रंग शरीर में ड़ाला जाता है वह पुरुष व महिला दोनों के लिए हराम है जैसा के सहीह बुखारी में हदीस पाक हैः-

भाषांतरः हज़रत औन बिन जुहैफा रज़ियल्लाहु तआला अन्हु अपने पिता से वर्णित करते हैं के हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने गोदने वाली एवं गुदवाने वाली पर विपद व श्राप की।

(सहीह बुखारी, जिल्द 02, पः 805, हदीस संख्याः 5347)  

जो टैटू पानी के खाल तक पहुँचने में रुकावट बनता है वह पुरुष व महिलाओं दोनों के लिए श्रेष्ठ नहीं।  

यदि टूट इस सीमा का हो जो पानी को खाल तक पहुँचने से नहीं रोकता तो ऐसा टैटू लगाने में गुदने से समानता व प्रतिरूप है।  अर्थात ये भी पुरुष व महिला के लिए अनिष्ट व अनुचित से खाली नहीं मालूम होता, अर्थात मुसलमान महिलाएं व पुरुष लोग किसी प्रकार का टैटू उपयोग ना करें।  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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