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فتاویٰ > व्यवसाय > विरासत का विवरण

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f:1988 -    जीवित रहने के दौरान में हिस्से की माँग
Country : बैंगलोर, कर्नाटक, हिंदुस्तान,
Name : सादिख अशरफी
Question:     एक व्यक्ति की मौसी का एक मकान था, उन्हों ने उस मकान को बेच दिया, उन की 5 लड़ियाँ हैं, वे इस मकान की प्राप्त हुई राशि में अपने हिस्से की माँग कर रही हैं, क्या लड़िकियों की ये माँग करना श्रेष्ठ है?  क्या उन्हें मकान या इस की राशि अपनी लड़िकियों के बीच बटवारा करना चाहिए?
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Answer:     किसी भी व्यक्ति का धन व साधन, मकान व सम्पत्ति उस समय तरीका घोषित पाता है जब वे व्यक्ति देहान्त कर जाए, उस व्यक्ति की जीवन में किसी वारिस का कोई शरई हिस्सा साबित नहीं होता, इस के बिना पर विरासत के अधिकार रखने वाले नातेदारों व रिश्तेदारों को भी माँ करने का शरन कोई अधिकार नहीं।  

जैसा के दुर्रुल मुक़तार, जिल्द 05, पः 535 पर उल्लेख है।  

जब आप की खाला ने अपना मकान बेच दिया है तो वह बेचने अनुमति थीं, उन्हें अपनी सम्पत्ति को उपयोग करने का अधिकार है।  उस की राशि को वह जैसा चाहें उपयोग कर सकती हैं।  उन की लड़कियाँ इस मकान की प्राप्त की हुई राशि में सरन किसी प्रकार की कोई माँग नहीं कर सकती।  

हाँ यदि वे खुद इस राशि को बाँटना चाहती हैं तो अपने लिए जितनी राशि उचित समझें रख कर बाखी बराबरी के साथ बेटियों में बाँट दें एवं किसी को उन की सेवा के कारण से अधिक भी देना चाहें तो दे सकती हैं शर्त ये है के किसी दूसरी बेटी को तकलीफ व हानि पहुँचाने की नीयत ना हो, वरना उन्हें इन सब के बीच बराबरी के साथ बाँटना चाहिए।  

जैसा के दुर्रुल मुक़तार, जिल्द 04, पः 573 से व्याख्या है।  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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