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فتاویٰ > व्यवसाय > विरासत का विवरण

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f:1987 -    भाईयों की ओर से बहनों पर खर्च एवं जीवन में बटवारा
Country : ,
Name : मोहसिन
Question:     अस्सलामु अलैकुम!  मेरे पिता का घर मेरी माँ के नाम पर है।  हम 2 भाई एवं 4 बहनें हैं।  हम भाई अपनी रात-दिन की आमदनी व कमाई से बहनों के विवाह कर के इन की सगर्भता की डिलिवरी भी करवाए हैं, अब हमारे पास कुछ नहीं है, अब बहनें अपने हिस्से की बात कर रही हैं, शरीअत के अनुसार से किस को कितना हिस्सा मिलेगा?  कृपया उत्तर प्रदान करें।
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Answer:     वअलैकुम अस्सलाम वरहमतुल्लाहि वबरकातुह!  भाईययो ने बहनों के विवाह के अवसर पर एवं अन्य समय जो कुछ अपनी ओर से खर्च किया वह भाईयों का बहनों के अधिकार में शिष्टाचार व कुशल व्यवहार है।  

हाँ यदि कर्च के समय भाईयों ने ये कहा था के हम कर्ज के रूप में दे रहे हैं।  तो कर्ज जिसे दिया गया था इस से वापस माँगा जा सकता है।  आप के पिता ने यदि अपना घर माँ को तोहफा कर के उन के नाम कर दिया एवं उन्हें कब्जा दे दिया तो माँ इस घर की मालकिन हूईं।  

यदि माँ जीवित हैं तो बटवारा करना, अवश्य नहीं।  उन्हें सम्पूर्ण अधिकार है, चाहें तो बटवारा करें चाहे ना करें।  जीवन में बटवारी की स्थिति में पूर्ण औलाद के बीच चाहे लड़का हो या लड़की बराबर व एक समान हिस्सा देना चाहिए.  

यदि कोई बेटा या बेटी निर्धन व ज़रूरतमंद है तो उसे दुसरों के नाते से अधिक हिस्सा दिया जा सकता है।  यदि आप देहान्त के बाद के बटवारे के बारे में पूछ रहे हैं तो स्पष्टीकरण के साथ बतलाएँ के किस का देहान्त हुआ है।  

वारिसों में कौन उपलब्ध व उपस्थित हैं।  इनशाअल्लाह तआला उत्तर दिया जाएगा।  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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