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فتاویٰ > व्यवसाय > उचित विक्रय

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f:1933 -    फ्लैट्स की रचना से पूर्व लेन-देन?
Country : बंजारा हिल्स,
Name : मुहम्मद इ़मरान नवीद
Question:     शहर के ओर नव आबादियां स्थापित हो रही हैं।  बड़े-बड़े आपार्म्टन्ट रचना हो रहे हैं।  सामान्य ऐसा हो रहा है के आपार्म्टन्ट की रचना सम्पूर्ण होने से पूर्व ही फ्लैट बेच दिए जा रहे हैं तथा काफी राशि प्राप्त की जा रही है, क्या रचना से पूर्व इस प्रकार फ्लैट के लेन-देन श्रेष्ठ है?
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Answer:     जिन वस्तुओं को ऑर्डर पर तैयार करने का रीति-रिवाज होता है, जैसा वस्त्र, जूते, रोटी आदि इन के लेन-देन जाइज़ व श्रेष्ठ हैं।  अगरचे वे वस्तु वह अस्तित्व में ना आई हो।  पावन शरीअत के शब्दावली में इसे इस्तेसनाअ कहते हैं।  

इस प्रकार के मामलात के लिए अवश्य है के जिस वस्तु का आर्डर दिया जा रहा है इस की स्वभाव, प्रकार, संख्या तथा गुण व स्वरूप स्पष्ट कर दी जाए।  

जैसा के रद्दुल मुहतार, जिल्द 04, पः 632 में उल्लेख है।  

भाषांतरः पावन शरीअत में इस्तेसनाअ से तात्पर्य किसी विशेष वस्तु को सुचरित तरीके से बनाने का आर्डर देना है।  इस के शर्तों में ये है के जिस वस्तु का आर्डर दिया जाए, इस की स्वभाव, प्रकार, संख्या तथा गुण व स्वरूप वर्णन किया जाए तथा दस्तूर में इस वस्तु का आर्डर दिया जाता हो।  

फ्लैट के लेन-देन में यदि रचना का स्तर तथा इस के गुण व स्वरूप, अपार्ट्मन्ट का खर्चा, फ्लैट का नियुक्त, फ्लोर की सतर्कता विशेषता के स्पष्टीकरण किया जाए तथा बाखी स्पष्ट करने के योग्य कर्म के विस्तार वर्णन की जाए तो रचना से पूर्व फ्लैट के लेन-देन करना तथा फ्लैट की राशि प्राप्त करना श्रेष्ठ है क्यों के इस हद तक स्पष्टीकरण के बाद सामान्य रूप से झगड़े की आशंका बाखी नहीं रहती।  

{और अल्लाह तआला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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