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فتاویٰ > इबादत > हज्ज का विवरण > हज्ज और उ़मरे के दुआ़एं

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f:1790 -    कअ़बे के दर्शन के समय पढ़ी जाने वाली दुआ़
Country : भारत,
Name : मुहम्मद अकरम उद्दीन
Question:     जिस समय कअ़बे पर नज़र पड़े उस समय कौनसी दुआ़ पढ़ना चाहिए?
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Answer:     जब कअ़बे पर नज़र पड़े इस समय अत्यन्त ही आदरपूर्वक के साथ दुआएं करें क्यों के यो विशेष रूप से दुआओ के स्वीकार होने का अवसर है।  

अल बहरुर राई़ख में है के हज़रत इमाम आज़म अबु हनीफा रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने एक व्यक्ति को ये दुआ़ की शिक्षा दी के बैतुल्लाह के दर्शन के समय ये दुआ़ करें के अए अल्लाह मुझे मुसतहबाब अद दअ़वात बना दें।  इस एक दुआ़ स्वीकार होने से सम्पूर्ण दुआएं स्वीकार हो जाएंगीं।  

श्रेष्ठतर है के दुआ़ के साथ ये भी कहें-

अल्लाह तआ़ला मुझे जाइज़ तथा नेक दुआओं की मार्गदर्शन प्रदान करे।  

{और अल्लाह तआला सर्वेश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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