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فتاویٰ > इबादत > नमाज़ का विवरण > सजदे सहू का विषय

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f:1576 -    प्रथम खअ़दे में तशहुद की तकरार का आदेश
Country : हॉनकांग,
Name : शब्बीर मुहम्मद
Question:     मुझ से एक व्यक्ति ने नमाज़ के बारे में प्रश्न किया के कोई व्यक्ति 4 रकात वाली नमाज़ पढ़ रहा हो तथा प्रथम खअ़दे में तशहुद पढ़ने के बाद गलती व भूले से फिर तशहुद पढ़ लिया, तो क्या इस कारण से इस को सजदे सहू करना अवश्य है?
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Answer:     चार रकात वाली नमाज़ के प्रथम खअ़दे में तशहूद के बाद खियाम करना फर्ज़ है।  इस में विलम्भ करना वासत्व में नमाज़ के रुक्न के संपादन में विलम्भ करना है जिस कारण से सजदा सहू अनिवार्य आता है।  अर्थात यदि कोई व्यक्ति प्रथम खअ़दे में तशहुद पढ़ चुका तथा भूल कर दोबारा तशहुद पढ़ ले तो ऐसी परिस्थिति में वाजिब के तकरार पर तथा रुक्न के विलम्भ होने के कारण से सजदा सहू वाजिब है।  

जैसा के फतावा आलमगिरी, किताबुस सलाह, पर उल्लेख है।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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