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f:1492 -    हज़रत बिलाल का कअ़बे की छत पर अज़ान देना
Country : हैद्राबाद, भारत,
Name : रेहान
Question:     आदरणीय मुफती साहब!  निवेदन ये है के मैं ने सुना है के हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु कअ़बतुल्लाह शरीफ के ऊपर ठहर कर सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम की ओर मुंह कर के अज़ान दिए हैं।  क्या ये हदीस है या किसी का कथन?  यदि ये हदीस हो तो किस पुस्तक में है।  किस से रिवायत है?  व्याख्या करें तथा तुरंत उत्तर दीजिए।
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Answer:     हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु को मोज़िन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम होने की कृपा प्राप्त है।  यात्रा व हज़र में आप सरकार पाक सल्लल्लालहु तआ़ला अलैहि वसल्लम की सेवा में रहते तथा नमाज़ के समय पर अधिकतर आप ही अज़ान दिया करते।  

अर्थात एक बार सरकार दो आ़लम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने उम़रे का तवाफ किया तथा कअ़बे के भीतर गए, रात भर वहाँ रुक रहे जब सवेरे का समय हुआ तो हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु ने कअ़बे की छत पर नमाज़ फज्र की अज़ान दी।  आप का ये कर्म सरकार द आ़लम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम के फरमाने पर था जैसा के हदीस पाक में है।  

(दलाइलुल नबूवह लिल बैहखी, हदीस संख्याः 1672 / कंज़ुल उम्माल, हदीस संख्याः 30204)  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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