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f:1482 -    क़ालीन, चादर पवित्र करने का तरीका
Country : बीजापूर, कर्नाटक,
Name : मुहम्मद ग़ौस पाशा
Question:     मेरा प्रश्न ये है के घरों में क़ालीन व शतरंजी (चादर) बिछी हुई होती है कभी-कभी बच्चे इस पर पेशाब कर देते हैं तथा इसे धोना सम्भव नहीं होता तो इसे पवित्र व शुद्ध करने का क्या तरीका है?  कृपया उत्तर प्रदान करें।
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Answer:     अपवित्रता यदि शतरंजी (चादर), क़ालीन आदि जैसी चीज़ों पर लग जाए जिस का निचोड़ना कठिन व दुर्वोध हो तो देखा जाएगा के आई हुई अपवित्रता दिखाई देने वाली है या दिखाई ना देने वाली है?  

(1)- यदि अपवित्रता दिखाई देने वाली नहीं है तथा चादर व क़ालीन व शतरंजी आदि में पूर्ण प्रकार जज़ब हो चुकी हो तो इस को 3 बार धो लेना अवश्य है।  इस को धोने के साथ-साथ प्रत्येक बार इस प्रकार सुकाना अवश्य है के पानी का टपकना रुक जाए तथा यदि अपवित्रता पूर्ण प्रकार जज़ब ना हुई हो तो 3 बार धो लेना काफी है।  प्रत्येक बार इस प्रकार सुखाना के पानी टपकना रुक जाए अवश्य नहीं।  

(2)- यदि दिखाई देने वाली अपवित्रता लग जाए तो इसे धोने में संख्या की शर्त नहीं बल्कि असल अपवित्रता का दूर होना अवश्य है जिस सीमा तक दूर हो सकें।  चाहे एक बार धोने से दूर हो या 3 बार धोने से, एवं जो अपवित्रता 3 बार धोने के बावजूद सम्पूर्ण प्रकार से निकल ना जाए तो इस के दूर होने तक धोता जाए किन्तु धब्बा बाखी रह जाए तो कोई समस्या नहीं।  

और एक तरीका ये है के अपवित्रता चादर व क़ालीन आदि को बहते हुए पानी में इतनी देर रखें के अपवित्रता धुल कर दूर हो जाने की प्रभावित आशंका हो जाए तो ऐसी स्थिति में वह पवित्र व शुद्ध घोषित पाएगा।  जैसा के फतावा आलमगिरी, किताबुल तहारह, में उल्लेख है।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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