***** For other Fatawa, please click on the topics on the left *****



विषय की सूची

FATAWA > Search FAQ

Share |
f:1481 -    वस्त्र पर अपवित्रता का धब्बा रेह जाए तो क्या आदेश है
Country : दबीर पूरा, हैद्राबाद,
Name : सैय्यद अफज़ल इखबाल
Question:     कपडों को गंदगी लग जाए तथा कपड़े धोने के बावजूद अपवित्रता का धब्बा बाखी रह जाए तो क्या ऐसे वस्त्र पहन कर नमाज़ पढ़ना जाइज़ है?  यदि कोई व्यक्ति अपवित्र का धब्बा होते हुए नमाज़ पढ़ ले तो इस को क्या करना चाहिए?
............................................................................
Answer:     वस्त्र पर जिस अपवित्रता का धब्बा और प्रभाव बाखी रेह गया है स्पष्ट है वह नजासत मरियह (दिखाई देने वाली अपवित्रता है) इस का आदेश ये है के वस्त्र को अपवित्र दूर होने तथा प्रभाव निकल जाने तक धोया जाए चाहे एक बार धोने से प्रभाव निकल जाता हो या 3 बार धोने से या इस से अधिक से।  

यदि अपवित्र वस्त्र व पोशाक में इस प्रकार घुस गया हो के केवल पानी से इस का प्रभाव निकल नहीं जाता तो असल अपवित्रता तथा ज़वाल के योग्य का दूर करना अवश्य है।  किन्तु साबुन आदि का प्रयोग उच्च पवित्रता व तहारत के लिए उचित है।  

अर्थात फतावा आलमगिरी, जिल्द 01, किताबुल तहारह, पः 41-42 में उल्लेख हैः-  

भाषांतरः- नजासत मरियह (दिखाई देने वाली अपवित्रता है) ऐसी चीज़ हो जिस का प्रभाव निकल जाता है तो असल अपवित्रता तथा इस का प्रभाव दूर होने से पवित्रता प्राप्त हो जाती है तथा इस में तकलीफ का अनुसार नहीं।  यदि एक बार धोने से निकट जाए तो उसी पर निश्चय करें तथा 3 बार से भी दूर ना हो तो दूर होने तक धोया जाए एवं अपवित्रता ऐसी चीज़ हो जिस का प्रभाव निकलना इस प्रकार कठिन व दुर्वोध हो के पानी के अतिरिक्त किसी दूसरी चीज़ की अवश्यकता होती है जैसे साबुन तो उस को दूर करने की तकलीफ नहीं दी जाएगी।  इस प्रकार गरम पानी से धोना भी अवश्य नहीं।  

उपर्युक्त वर्णन मार्गदर्श के तहत धोने के बावजूद वस्त्र पर अपवित्रता का प्रभाव बाखी रेह जाए तो शरन वह वस्त्र पवित्र व शुद्ध है।  इस को पहन कर नमाज़ संपादन करना जाइज़ व श्रेष्ठ है।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
All Right Reserved 2009 - ziaislamic.com