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f:1431 -    वुज़ू के भाग पर घाव हों तो क्या करना चाहिए?
Country : दम्माम,
Name : नुअ़मान फहद
Question:     एक व्यक्ति को दुर्घटना में दोनों पैरों पर घाव आ गए हैं, डाक्टर साहब ने घाव पर पानी ड़ालने तथा पट्टी खोलने से मना किया है, क्या ऐसे समय नमाज़ के लिए इन्हें वुज़ू करने के बजाए तैयमुम करने की आज्ञा है?
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Answer:     यदि कोई व्यक्ति घायल हो तो वह वुज़ू करे या तैयमुम करे, इस सिलसिले में इस के वुज़ू के भाग को देखा जाए।  यदि इस के अधिकतर वुज़ू के भाग घायल हों तो वह तैयमुम कर लें तथा यदि अधिकतर भाग वुज़ू के श्रेष्ठ व सुरक्षित हों तो श्रेष्ठ भाग को धोलें तथा घावों पर मसाह करें।  

यदि घावों पर पट्टी बंधी हुई हो तथा पट्टी खोल कर बांधी नहीं जा सकती या इस में कठिनता हो तो पट्टी पर मसाह कर लें।  

प्रश्न में वर्णन व्यक्ति के जब दोनों पैर घायल हैं तथा डाक्टर साहब ने पट्टी खोलने से मना किया है तो इन्हें चाहिए के वुज़ू के लिए चहरा तथा दोनों हाथ धो लें तथा पैरों की पट्टी पर ही मसाह कर लें।  

जैसा के फतावा आलमगिरी, जिल्द 01, किताबुल तहारह, पः 28 में उल्लेख है।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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