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f:1430 -    सरदी के मौसम में त्वचा सूखी हो जाए तो वुज़ू का आदेश
Country : भारत,
Name : मुहम्मद ए़जाज़
Question:     इन दिनों सरदी के कारण से चमड़ी व त्वचा सूख जाती है तथा वुज़ू के लिए जब पानी ड़ालते हैं तो थोडा सा भाग सूखा मालूम होता है तथा वह अत्यन्त कम बाल के बार होता है।  जल्दी में कुछ लोग इस की ओर ध्यान नहीं देते ऐसी स्थिति में क्या वह सरदी के मौसम की हद तक क्षमा है।  क्या अत्यन्त बारीक संख्या होने के कारण से उपेक्षा किया जा सकता है।
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Answer:     वुज़ू में भाग को धोना फर्ज़ है चाहे सरदी का मौसत हो या गरमी का, इन में यदि सुई के बराबर स्थान सूका रह जाए तो वुज़ू उचित नहीं होगा।  यहाँ तक के इस सूखे स्तान को तर कर ले इस लिए वुज़ू तथा स्नान में रगड़ना सुन्नत घोषित किया गया के कहीं कोई भाग सूखा रह जाता है सुन्नत से फर्ज़ के संपादन हो जाएगा।  

इसके अतिरिक्त वुज़ू करने वाले को विशेष रूप से सरदी के मौसम में पानी हाने पर निश्चय नहीं करना चाहिए।  बल्कि वुज़ू के भाग को पानी से इस प्रकार रगड़ना चाहिए जैसे तेल से शरीर को रगड़ा जाता है।  

जैसा के बादाअ़ उस सानाअ़, जिल्द 01, पः 66 में तथा मरखी उल फलह, पः 13 में उल्लेख है।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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