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فتاویٰ > क़ुरआन करीम

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f:1316 -    नक्ष नालैइ़न मुबारक पर क़ुरानी आयत लिखना शिष्टाचार के विरुद्ध
Country : जद्दह, सऊदी अरब,
Name : रईस सूफी
Question:     क्या नालैइन मुबारक पर क़ुरान की कोई आयत लिखी जा सकती है?
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Answer:     सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम की सीरत व सुन्नत से क़ुरान करीम के सम्मान व आदर का प्रवचन मिलता है।  सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम की ओर से क़ुरानी आयतों और साहिबे क़ुरान के सम्मान के पेश नज़र किया कोई उम्मती सोंच भी सकती है के हज़रत रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम अपने खदम पर क़ुरान करीम कोई आयत को रखना पसंद करते हों?  

जब ये विचार नहीं तो फिर नअ़लैन शरीफ पर क़ुरानी आयतें लिखना कैसे रवा हो सकता है?  क़ुरानी आयतों का भी शिष्टाचार व सभ्याचार करना चाहिए और सरकार के आसार का भी सम्मान ध्यान में रखना चाहिए।  अर्थात नक्ष नअ़लैन मुबारक पर क़ुरानी आयतें लिखना शिष्टाचार के विरुद्ध है।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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