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f:1285 -    हज़रत आदम अलैहिस सलाम का सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम के वसीले से दुआ़ करना
Country : यू एस,
Name : मुहम्मद अबदुल्लाह
Question:     मैं ने सुना है के हज़रत आदम अलैहिस सलाम ने सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम का वसीला लेकर दुआ़ की थी और आप की दउआ़ स्वीकार हो गई।  कृपया इस हदीस का हवाला और मतन वर्णन करें।
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Answer:     हज़रत सैयदना आदम अलैहिस सलाम ने जो सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम के वसीले से दुआ़ की थी इस का वर्णन इशारत और स्पष्ट रूप से क़ुरान करीम तथा हदीसों में उपलब्ध है अर्थात सुरह अल बक़रह की आयतः 37 में हैः-

भाषांतरः- फिर आदम ने अपने रब से चंद कलिमे सीख लिए तो अल्लाह तआ़ला ने इन की तौबा स्वीकार की, निस्संदेह वही बहुत स्वीकार करने वाला, अत्यन्त दयावान है।  

(सुरह अल बक़रहः 02:37)  

उपर्युक्त वर्णन आयत में जिन कलिमात के सीखने का वर्णन है जिस के द्वारा अल्लाह तआ़ला नेहज आदम अलैहिस सलाम की तौबा स्वीकार की इन कलिमात के संबंधित “मुसतदरक अ़ला सहिहैन, मुअ़जम सग़ीर तबरानी, मुअ़जम औसत तबरानी”, दलाइल अन नबूवह लिल सुयूती, मजमअ़ उज़ ज़वाइद, जामेअ़ अल हादीस वल मुरासील, कंज़ुल उम्माल, तफसीर दुर्रे मन्सूर, तफसीर कश्फुल बयान लिल सअ़लबी, तफसीर रूह उल बयान (देहान्तः 360 हिज्री) किताबुल इमान, शरह मवाहबिअल ज़ुरखानी, खसाइस कबुरा, सुबूलुल हुदा वर्रिशाद, अल सीरह अन नबूवह ला इब्न कसीर, खुलासह अल वफा बा अखबार, अल हिदायह वन निहायह ला इब्न कसीर, तारीक़ दमिश्ख ला इब्न असाकीर में रिवायत उपलब्ध है।  

भाषांतरः- हज़रत सैयदना उ़मर बिन खत्ताब रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु से वर्णित है, आप ने फरमाया के हज़रत रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने आदेश फरमायाः जब हज़रत आदम अलैहिस सलाम से तग़ज़िश हुई तो इन्हों ने अल्लाह तआ़ला के निकट निवेदन कियाः अए मेरे पालनहार!  मैं हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम के वसीले से दुआ़ करता हुँ तो मुझे बख्श दे।  अल्लाह तआ़ला ने फरमायाः अए आदम!  तुम मुहम्मद सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम को कैसे जानते हो अभी तो वह संसार में तशरीफ नहीं लाय है?  हज़रत आदम अलैहिस सलाम ने निवेदन कियाः अए मेरे रब!  तू ने जब मुझे अपने कुदरत से पैदा किया और अपनी विशेष रूह मुज में फूंकी तो मैं ने अपना सर उठाया तो देखा के खवाइम अर्श पर " لا إله إلا الله محمد رسول الله " लिखा हुआ पाया।

तो मैं जान गया के तू ने अपने नाम मुबारक के साथ इन्हीं का नाम पाक मिलाया है जो सर्व निर्माण में सब से अधिक तुझे पसंदीदह व प्रिय है।  

अल्लाह तआ़ला ने फरमायाः अए आदम!  तुम ने सत्य कहा!  निश्चय वह सर्व निर्माण में मेरे पास सब से अधिक प्रिय व महबूब हैं।  तुम इन के वसीले से दुआ करो मैं अवश्य तुम को मुक्ति व मोक्ष प्रदान करुँगा।  और यदि मुहम्मद सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ना होते तो मैं तुम्हें पैदा ना करता।  

मुसतदरक अ़ला सहिहैन, हदीस संख्याः 4194
मुअ़जम औसत तबरानी, हदीस संख्याः 6690
मुअ़जम सग़ीर तबरानी, हदीस संख्याः 989
दलाइ़ल उन नबूवह, हदीस संख्याः 2243
मजमअ़ उज़ ज़वाइद, जिल्द 8, पः 198, हदीस संख्याः 13917
जामेअ़ अल हादीस, हदीस संख्याः 33457
कंज़ुल उ़म्माल किताबुल फज़ाइ़ल, हदीस संख्याः 32138
तफसीर दुर्रे मन्सूर, सुरह अल बक़रहः 37
तफसीर कशफुल बयान लिल सअ़लबी, सुरह अल बक़रहः 37
तफसीर रूह अल बयान, जिल्द 2, पः 376, सुरह अल माइदाः 16
अल शरीअ़यह ली अबी बक्र मुहम्मद बिन अल हुसैन बिन अबदुल्लाह अल बग़दादी (देहान्तः 360 हिज्री) किताबुल इमान
अल जन्नतह वन नार मक़लू खतान, हदीस संख्याः 938
अल मवाहिब लदुनिया, जिल्द 1, पः 82
शरह अल मवाहिब अल ज़ुरखानी, जिल्द 1, पः 119
खसाइस कुबरा
सुबूलुल हुदा वर्रिशाद, फी सीरह क़ैरुल इ़बाद, जिल्द 1, पः 85
अल सीरह अन नबूवह ला इब्न कसीर, जिल्द 1, पः 320
खुलासह वफा बा अखबार
अल बिदायह वन निहायह ला इब्न कसीर
हुज्जतुल्लाह अ़ला आलमीन, पः 23
अल फतावा हदीसियह ला इब्न हजर हैतमी
तारीक़ दमिश्ख ला इब्न असाकीर
मौसौवअ़ फिक़्हयह कुवैतियह “अत तवस्सुल“।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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