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فتاویٰ > विश्वास > पैगम्बरों पर विश्वास

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f:1225 -    खत्म नबूवत के इन्कार करने वाले की इ़बादत का आदेश
Country : निज़ामबाद,
Name : मुहम्मद हामिद
Question:     यदि कोई व्यक्ति कलिमे शहादत का स्वीकार करता है, अधिक इसलाम के प्रावधान- नमाज़, रोज़ा आदि का पाबंद है परन्तु सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम को अंतिम पैगम्बर नहीं मानता, तो क्या इस व्यक्ति की इ़बादत का अनुसार रहेगा?
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Answer:     इ़बादतें व आ़माल का निर्भरता व अधीनता इ़मान पर है।  इ़मान के बिन कर्म, इ़बादत घोषित नहीं होते, एवं सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम को अंतिम पैगम्बर मान्ना इ़मानियत में प्रवेश है।  

जो व्यक्ति इस बुनियादी विश्वास व अखीदे को ना माने तथा इस पर इ़मान व विश्वास ना रखे वह काफिर है तथा काफिर जो कर्म परिणाम करता है वह सब व्यर्थ व अकारथ हो जाते हैं।  अल्लाह तआ़ला के दरबार में इस के किसी कर्म का अनुसार नहीं।  

भाषांतरः- और जो व्यक्ति इ़मान से इनकार कर बैठे इस के सारा किया-धरा अकारथ व व्यर्थ हो गए एवं वह परलोक में घाटा उठाने वालों में होगा।  

(सुरह अल माइदाः 05:05)  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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