***** For other Fatawa, please click on the topics on the left *****



विषय की सूची

فتاویٰ > इबादत > हज्ज का विवरण

Share |
f:1208 -    मग़रिब व इ़शा, एक साथ संपादन
Country : किशन बाग़, हैद्राबाद,
Name : मुहम्मद फारूख
Question:     हाजी सूर्य ड़ूबने के बाद मुज़दलिफा जाते हैं और वहाँ मग़रिब नमाज़ पढ़ते हैं जबके मुज़दलिफा पहुंचने तक मग़रिब का समय निकल चुका होता है क्या समय गुज़रने के बाद मग़रिब के नमाज़ समापन करने से नमाज़ उचित व सहीह हो जाती है?
............................................................................
Answer:     हाजी लोग 9 दिनाक को अ़रफात के मैदान में सूर्योदय तक वुखूफ कर के सूर्यास्त के बाद मग़रिब की नमाज़ संपदान किए बिना अ़रफात से मुज़दलिफा जाते हैं।  इस दिन इन्हें मग़रिब नमाज़ सूर्योदय के साथ नहीं पढना चाहिए, अर्थात सहीह मुसलिम जिल्द 1, पः 416, में हदीस पाक हैः-

भाषांतरः- हज़रत अबदुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु के गुलाम हज़रत कुरैब रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु से वर्णित है इन्हों ने फरमायाः मैं ने हज़रत उसामा बिन ज़ैद रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु को फरमाते हुए सुना- हज़रत रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम अ़रफात से वापिस हुए जब आप एक घाटी पर पहुंचे तो सवारी से उतर कर अवश्यकता से मुक्त हुए।  हज़रत उसामा रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु ने इस रिवाय में अराख अल मा के शब्द का वर्णन नहीं किया।  

हज़रत उसामा रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु ने फरमायाः फिर सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने पानी मंगवा कर खफीफ वुज़ू किया।  मैं ने निवेदन कियाः या रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम!  नमाज़ का समय हो चुका है, आप ने फरमायाः नमाज़ का स्थान तुम्हारे आगे है।  फिर आप चलते रहे यहाँ तक के मुज़दलिफा पहुंचे और मग़रिब व इ़शा एक साथ संपादन किए।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
All Right Reserved 2009 - ziaislamic.com