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فتاویٰ > इबादत > नमाज़ का विवरण

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f:1194 -    सफ में तनहा व्यक्ति के लिए इसलामी आदेश
Country : सऊदी अरब,
Name : नातिख अहमद
Question:     मेरा प्रथम प्रश्न ये है के नमाज़ के लिए इ़माम की नियत क्या होनी चाहिए?  मैं सऊदी अरब में रहता हुँ, यहाँ पर यदि सफ में स्थान नहीं है और एक पुरुष पीछे है तो वे आगे की सफ से किसी और को पीछे खींच लेते हैं, इस से इसकी नमाज़ में अंतर पढ़ता है।  क्या ये उचित है?  कृपा हमारी सुधारता करें।
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Answer:     इ़माम के लिए इ़मामत की नियत करना अवश्य नहीं, संबंधित नमाज़ की नियत व उद्देश्य काफी है।  किन्तु सवाब व पुण्य के प्राप्त के लिए इ़मामत की नियत करना अवश्य है।  

सफ बन्दी के सिलसिले में शरीअ़त का आदेश ये है के यदि सफ सम्पूर्ण हो जाए एवं नव सफ के लिए केवल एक व्यक्ति हो तो क्यों के सफ में एक व्यक्ति का तनहा खडा रहना मकरुह (निषिद्ध) है अर्थात ऐसी स्थिति में इसे रुकुअ़ तक दूसरे व्यक्ति का इंतजार (प्रतीक्षा) करना चाहिए।  

यदि रुकुअ़ तक कोई ना आए तो किसी धार्मिक व दीनदार व्यक्ति या धर्मनिष्ठ पसंद व्यक्ति को या मसले जानने वाले व्यक्ति को इशारा करने के लिए किसी किसी प्रकार खींचें ताकि वह खूद अपने कर्म से पीचे हो जाए।  यदि ऐसा कोई व्यक्ति नज़र ना आए तो तनहा सफ में खडा हो जाए.  

जैसा के दुर्रे मुकतार, किताबुस सलाह, बाब शरूतुस सलाह में है।

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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