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فتاویٰ > इबादत > नमाज़ का विवरण

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f:1193 -    जामा मसजिद में नमाज़ समापन की विशिष्टता
Country : पूना, भारत,
Name : आरिफ अशरफी
Question:     कया नगर के जामा मसजिद में जुमआ़ की नमाज़ पढ़ने से 500 गुना अधिक सवाब व पुण्य मिलता है?  हदीस पाक के आधार में विस्तार में उत्तर दीजिए।
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Answer:     जी हाँ!  जामा मसजिद में नमाज़ समापन व संपादन करने का सवाब व पुण्य अन्य मसजिदों के समान 500 गुना अधिक मिलता है।  अल्लामा बैसमी की मजमअ़ अज़ जवाइद़ व मिम्बअ़ अल फवाइद में इमाम तबरानी की मुअ़जम औसत के हवाले से हदीस शरीफ व्याख्या हैः-

भाषांतरः- हज़रत सैयदना अबदुल्लाह बिन उ़मर रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु से वर्णित है के हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम ने आदेश फरमायाः जामा मसजिद में नमाज़ के समापन स्वीकृत फरीज़ा हज्ज के व सक्षम व समान है और नफ्ल नमाज़ स्वीकृत नफ्ल हज्ज के प्रकार है एवं जामा मसजिद में नमाज़ संपादन करना अन्य मसजिदों में नमाज़ संपादन करने पर 500 दर्जे अधिक उत्तमता व प्रतिष्टा रखती है।  

(मजमअ़ अज़ ज़वाइद व मिम्बअ़ अल फवाइद, हदीस संख्याः 2185)  

जामा मसजिद में जुमआ़ नमाज़ के संपादन का पुण्य व सवाब भी 500 गुना अधिक रहेगा।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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