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فتاویٰ > क़ुरआन करीम

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f:1165 -    इसलाम शान्ति व प्रेम का धर्म!
Country : India,
Name : Inayath ali
Question:     क़ुरान में अल्लाह तआ़ला ने इसलाम जाति को शान्ति व प्रेम के विषय में क्या आदेश दिया?
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Answer:     अल्लाह तआ़ला ने ऐसे सदस्य के अधिकार में भी शिष्टाचार का आदेश फरमाया तथा अत्याचार पर रोक लगा दी, इरशाद फरमायाः-

भाषांतरः- किसी गिरोह की शत्रुता, जिसने तुम्हारे लिए प्रतिष्ठित घर का रास्ता बंद कर दिया था।  
(सुरह अल माएदहः 02)  

न्याय व इन्साफ के मामले में इसलाम ने मित्र व विरोधी, मुसलिम व ग़ैर मुसलिम का अंतर नही रखा, इसलाम, विरोधी के साथ भी न्याय व इन्साफ को अनिवार्य स्थापित देता है ताके इस कि बुनियात पर एक हर्षित समाज निर्माण पाय, अल्लाह तआ़ला का आदेश हैः-

भाषांतरः- तथा ऐसा ना हो कि किसी गिरोह की शत्रुता तुम्हें इस बात पर उभार दे कि तुम इन्साफ करना छोड दो।  इन्साफ करो, यही धर्मपरायणता से अधिक निकट है।  
(सुरह अल माएदहः 08)

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक/संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}
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