Advanced Search
اردو
English
 
   आने वाली घटनाओं
 
 
> Back
Article Details
   
  ख़ौफ व भय - अल्लाह से नज़दीकी का माध्यम
   
 

 ख़ौफ व भय

अल्लाह से नज़दीकी का माध्यम

मोमिन बन्दे का यह इमान व विश्वास है के अल्लाह तआ़ला ही सत्य मअ़बूद है।  वही मालिक व क़ालिख है और बडाई व किबरियाई उसी के योग्य है।  सर्वश्रेष्ठ क़ुदरत उसी के गुण व लक्षण है। अर्थात एक बन्दे की अपनी मौला से संबंध व नाता इस की बंदगी का सत्य सबूत है।

 

इस पर अपने आखा व स्वामी का पालन और इस के अहकाम को संपादन अनिवार्य है तथा अपने पालनहार से ड़रना और ख़ौफ व भय रखना इस के लिए अत्यन्त अवश्य है। अल्लाह तआ़ला के दरबार में ख़ौफ व भय के साथ रहने वालों से संबंधित अल्लाह तआ़ला का आदेश हैः-

 

भाषांतरः- और जो अपने रब के सामने खड़े होने से डर रखता है उस के लिए 2 जन्नतें हैं। 

 

(सुरह अर रहमानः 55:46) 

 

भय व खौफ का याचना यह है के बन्दे का हर कर्म व कथन अल्लाह की मरज़ी के अनुसार रहे।  इस की हर हरकत व चलन व गति अल्लाह तआ़ला की सन्तुष्टि के अनुसार रहे।  वह हैरान और हर घड़ी इस खौफ में गुज़ारे के अल्लाह तआ़ला कहीं इस के किसी कर्म से या इस कि किसी बात से नाराज़ ना हो जाए। 

  

जब कोई इस प्रकार खौफ व भय का ग्राह्य हो जाता है तो उसे ऐसी-ऐसी नेअ़मतें (वरदान) दी जाती है के किसी जिन्न व बशर ने सोंचा भी ना होगा। इस के लिए 2 जन्नतें होंगी। 

 

जन्नत में विशेष व उच्च स्थान की नेअ़मतों व वरदान होगें।  उस के लिए घने बाग़ होंगे।  बहते नहरें होंगे।  सम्पूर्ण फलों की 2-2 क़िस्में होंगी।  नज़रें नीची रखने वाली या शक्ति व मरजान जैसी हूरान बहशत होंगी।  जिन्हें कोई मनुष्य कोई जिन्न देखी और ना छुआ होगा।  

   
 
 
 
 
 
 

Warning: mysql_fetch_array(): supplied argument is not a valid MySQL result resource in E:\HostingSpaces\muhammad\ziaislamic.org\wwwroot\article1descr.php on line 752
  वीडियो फतावा
Mail to Us    |    Naqshbandi Calendar    |    Photo Gallery    |    Tell your friends   |    Contact us
Copyright 2008 - Ziaislamic.com All Rights Reserved