CI: 169   
टब में खून गिर जाए तो क्या आदेश है?
...............................................
  CI: 168   
छाती और पीठ के बाल निकालने का आदेश
...............................................
  CI: 167   
हेलो (Hello) के 2 अर्थ और इन का आदेश
...............................................
  CI: 166   
सूर्य ग्रहण की नमाज़ का आदेश
...............................................
  CI: 165   
क्या महिलाओं का फैशियल कराना जायज़ है?
...............................................
  CI: 164   
खादियानी से कुरबानी का गोश्त लेना ?
...............................................
  CI: 163   
क़ुरबानी के दिन और समय
...............................................
  CI: 162   
कर्जदार के लिए क़ुरबानी का आदेश
...............................................
  CI: 161   
ऑनलाइन क़ुरबानी का आदेश
...............................................
  CI: 160   
अमरीका एवं अन्य देशों में नागरिक सदस्यों की भारत में क़ुरबानी
...............................................
  CI: 159   
जानवर के कौनसे अंग व भाग खाना श्रेष्ठ नहीं
...............................................
  CI: 158   
जानवर के पैर में घाव आए तो क़ुरबानी का आदेश
...............................................
  CI: 157   
दंतहीन जानवर की क़ुरबानी का आदेश
...............................................
  CI: 156   
धनवान बच्चों पर क़ुरबानी ?
...............................................
  CI: 155   
व्यापारिक लोगों पर क़ुरबानी
...............................................
  CI: 154   
इंटरनेट पर गपशप (चैटिंग) का इसलामी आदेश
...............................................
  CI: 153   
स्त्री व महिला का नौकरी करने का आदेश
...............................................
  CI: 152   
चीटियों को मारने का शरई आदेश
...............................................
  CI: 151   
कुत्ता पालने का शरई आदेश
...............................................
  CI: 150   
महिला का होटल और पार्कों में जाने का आदेश
...............................................
CI 163- क़ुरबानी के दिन और समय

 क़ुरबानी के दिन और समय

 

इबादत की नीयत से 10, 11, 12 ज़िल हिज्जा में से किसी दिन, शरीअत के निर्धारित जानवरों में से कोई जानवर ज़िबा करना शरीअत के आधार में क़ुरबानी कहलाता है। 

 

इस से संबंधित कंज़ुल उम्माल में हदीसः पाक हैः-

 

भाषांतरः हज़रत अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से वर्णित है, आप फरमाते हैः क़ुरबानी के दिन 3 हैं तथा इन में उच्चतर पहला दिन है। 

 

(कंज़ुल उम्माल, किताब उल हज्ज, हदीस संख्याः 12676) 

 

उपर्युक्त वर्णन हदीसः पाक के बिना पर फुक़्हा किराम ने फरमाया है के क़ुरबानी के 3 दिन हैं- 10, 11, 12 ज़िल हिज्जा, क़ुरबानी का समय 10 ज़िल हिज्जा ईदुल अज़्हा की नमाज़ के बाद से 12 ज़िल हिज्जा के सूर्यास्त तक है।  इस के बाद क़ुरबानी नहीं की जा सकती तथा रात में क़ुरबानी करना मकरूह है। 

 

जैसा के तनवीर उल अबसार, मआ दुर्रे मुक़तार, जिल्द 05, पः 219)

 

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

 

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

 

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

 

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}



submit
 
 
Copyright 2008 - Ziaislamic.com All Rights reserved