CI: 169   
टब में खून गिर जाए तो क्या आदेश है?
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  CI: 168   
छाती और पीठ के बाल निकालने का आदेश
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  CI: 167   
हेलो (Hello) के 2 अर्थ और इन का आदेश
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  CI: 166   
सूर्य ग्रहण की नमाज़ का आदेश
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  CI: 165   
क्या महिलाओं का फैशियल कराना जायज़ है?
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  CI: 164   
खादियानी से कुरबानी का गोश्त लेना ?
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  CI: 163   
क़ुरबानी के दिन और समय
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  CI: 162   
कर्जदार के लिए क़ुरबानी का आदेश
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  CI: 161   
ऑनलाइन क़ुरबानी का आदेश
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  CI: 160   
अमरीका एवं अन्य देशों में नागरिक सदस्यों की भारत में क़ुरबानी
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  CI: 159   
जानवर के कौनसे अंग व भाग खाना श्रेष्ठ नहीं
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  CI: 158   
जानवर के पैर में घाव आए तो क़ुरबानी का आदेश
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  CI: 157   
दंतहीन जानवर की क़ुरबानी का आदेश
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  CI: 156   
धनवान बच्चों पर क़ुरबानी ?
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  CI: 155   
व्यापारिक लोगों पर क़ुरबानी
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  CI: 154   
इंटरनेट पर गपशप (चैटिंग) का इसलामी आदेश
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  CI: 153   
स्त्री व महिला का नौकरी करने का आदेश
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  CI: 152   
चीटियों को मारने का शरई आदेश
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  CI: 151   
कुत्ता पालने का शरई आदेश
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  CI: 150   
महिला का होटल और पार्कों में जाने का आदेश
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CI 151- कुत्ता पालने का शरई आदेश

 कुत्ता पालने का शरई आदेश

 

हदीसों में वर्णन स्पष्टीकरण है के जो व्यक्ति कुत्ता रखता है इस के कर्म व आमाल से सवाब व पुण्य दैनिक व रोज़ाना घटता रहता है जैसा के जामेअ तिरमिज़ी में हदीस पाक हैः-

 

भाषांतरः हज़रत अबु हुरैरह रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से वर्णित है के हज़रत नबी अकरम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने आदेश कियाः जिस ने मवेशियों (पशुधन) की सुरक्ष, शिकार और खेती की सुरक्षा के कुत्ते के सिवा कुत्ता रखा उस के नामे-आमाल से दैनिक व रोज़ाना एक खीरात सवाब व पुण्य कम हो जाता है। 

 

(जामेअ तिरमिज़ी, जिल्द 01, हदीस संख्याः 1409) 

 

उपर्युक्त वर्णन के बिना केवल शौक़ के रूप में कुत्तों को पालना जायज़ नहीं है।  किन्तु मवेशियों की सुरक्षा, घर की रखवाली तथा शिकार के उद्देश्य कुत्ता पालें तो शरन जायज़ है। 

 

जैसा के रद्दुल मुहतार, जिल्द 04, पः 239 पर उल्लेख है। 

 

अस्हाबे-कहफ के साथ जो कुत्ता हो लिया वह भी सुरक्षा के रूप में था, जैसा के कुरान पाक ने फरमायाः-

 

भाषांतरः और उन का कुत्ता सहन में अपनी कलाइयों को फैलाए बैठा है।  इस के वर्णन गुण की ओर इशारा है। 

 

(सुरह अल कहफः 18:18)



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