CI: 169   
टब में खून गिर जाए तो क्या आदेश है?
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  CI: 168   
छाती और पीठ के बाल निकालने का आदेश
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  CI: 167   
हेलो (Hello) के 2 अर्थ और इन का आदेश
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  CI: 166   
सूर्य ग्रहण की नमाज़ का आदेश
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  CI: 165   
क्या महिलाओं का फैशियल कराना जायज़ है?
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  CI: 164   
खादियानी से कुरबानी का गोश्त लेना ?
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  CI: 163   
क़ुरबानी के दिन और समय
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  CI: 162   
कर्जदार के लिए क़ुरबानी का आदेश
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  CI: 161   
ऑनलाइन क़ुरबानी का आदेश
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  CI: 160   
अमरीका एवं अन्य देशों में नागरिक सदस्यों की भारत में क़ुरबानी
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  CI: 159   
जानवर के कौनसे अंग व भाग खाना श्रेष्ठ नहीं
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  CI: 158   
जानवर के पैर में घाव आए तो क़ुरबानी का आदेश
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  CI: 157   
दंतहीन जानवर की क़ुरबानी का आदेश
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  CI: 156   
धनवान बच्चों पर क़ुरबानी ?
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  CI: 155   
व्यापारिक लोगों पर क़ुरबानी
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  CI: 154   
इंटरनेट पर गपशप (चैटिंग) का इसलामी आदेश
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  CI: 153   
स्त्री व महिला का नौकरी करने का आदेश
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  CI: 152   
चीटियों को मारने का शरई आदेश
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  CI: 151   
कुत्ता पालने का शरई आदेश
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  CI: 150   
महिला का होटल और पार्कों में जाने का आदेश
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CI 169- टब में खून गिर जाए तो क्या आदेश है?

 टब का पानी कम मात्रा (मा-खलील) में है।  इस में यदि खून का एक बूंद भी गिर जाए या इस जैसी कोई तथा अपवित्र व अशुद्ध चीज़ गिर जाए तो इस का फुक़्हा किराम ने इस का आदेश ये है के वह पानी अपवित्र व अशुद्ध है।  

अब रहा क्या उसे किसी कार्य में उपयोग किया जा सकता है या नहीं?  सिलसिले में विस्तार वर्णन की हैः यदि अपवित्रता व अशुद्धता गिरने के कारण से इस के गुण रंग, बो तथा स्वाद बदल जए तो उसे किसी रूप से उपयोग ना किया जाए तथा यदि अपवित्रता गिरने के कारण रंग, बो, स्वाद ना बदला हो तो ये पानी अपवित्र व अशुद्ध अवश्य है।  

उस से वुज़ू व स्नान करना या किसी अपवित्र वस्तु को पवित्र करना शरन जाइज़ नहीं।  अतः इस पानी से जीव-जन्तु को पिलाना तथा मिठ्ठी तर करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।  परन्तु इस से मसजिद का गुलावा नहीं किया जा सकता।  

जैसा के फतावा आलमगिरी, किताबुल तहारह में उल्लेख है।  

{और अल्लाह तआ़ला सर्वश्रेष्ठ ज्ञान रखने वाला है,

मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी

महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया,

प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर}



 
 
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