BT: 170   
हज़रत ग़ौसे पाक की विलायत
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  BT: 168   
पवित्र शरीर की विशेषक विशालता
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  BT: 167   
सरकार पाक सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम का परमपावन जन्म - विशिष्टता व प्रमुखता
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  BT: 166   
पैगम्बर - निर्माण के मार्ग-दर्शक
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  BT: 165   
मसजिद की उत्तमता
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  BT: 164   
अल्लाह तआला ही इबादत के योग्य - शिर्क क्षमा के योग्य नहीं
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  BT: 163   
दोज़ख़ का हाल
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  BT: 162   
दुरूद शरीफ - उत्तमता व प्रतिष्ठा
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  BT: 161   
तौहीद व रिसालत का अखीदा - ईमान की बुनियाद
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  BT: 160   
जन्नत के हालात
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  BT: 159   
यज़ीद की करतूतें
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  BT: 158   
इमाम हुसैन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का जीवन क़ुरानी आयतों की अमली तफसीर
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  BT: 157   
यज़ीद का सत्य चेहरा - हदीस व इतिहास के आईने में
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  BT: 156   
हज़रत इमाम हुसैन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु की सत्यता और क़ुस्तुनतुनिया की हदीस कि सच्चाई
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  BT: 155   
इमाम हुसैन रज़ियल्लाहु तआ़ला अन्हु का उच्च स्थान
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  BT: 154   
इ़माम हुसैन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु - सत्यता के आदर्श
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  BT: 153   
औरत को जन्नत में प्रवेश करने वाले कर्म
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  BT: 152   
हज़रत फारूक़ आज़म सत्य व असत्य के बीच अंतर का कारण
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  BT: 151   
क़ुरान करीम – शिक्षा व मार्गदर्शन की ग्रन्ध
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  BT: 150   
हज़रत इसमाईल अलैहिस सलाम की क़ुरबानी – संतुष्टि का महान उदाहरण
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क़ुरान करीम – शिक्षा व मार्गदर्शन की ग्रन्ध
 

 क़ुरान करीम –

शिक्षा व मार्गदर्शन की ग्रन्ध

 

अल्लाह तआला ने क़ुरान करीम को सम्पूर्ण मानव जाति के लिए हिदायत का नहर बनाया, रब के कलाम की आयते बैयिनात- हिदायत व मार्गदर्शन का खज़ाना है।  क़ुरान करीम में जीवन के सिद्धान्त व व्यवस्था का समाधान, विश्वास व कर्म की सुधराव व शिक्षा, सासामिजक मामले, शिष्टाचार व सभ्याचार, सभ्यता व संस्कृति से संबंधित विस्तारपूर्ण प्रावधान व नियम उपलब्ध हैं। 

 

अल्लाह तआला ने क़ुरान करीम का अनेक पक्षों से परिचय करवाया, कहीं- नसीहत व हिदायत की किताब घोषित किया तो कहीं, सरासर शिफा व रहमत फरमाया।  जैसा के क़ुरान पाक में अल्लाह तआला का आदेश हैः-

 

भाषांतरः अए लोगो! निश्चय तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से उपदेश तथा दिलों में जो (बीमारियाँ व रोग हैं इन की) शिफा (रोगमुक्ति) आ चुकी है (और वह किताब आ चुकी है जो) मोमिनों के लिए हिदायत व रहमत है। 

 

(सुरह यूनुसः 10:57) 

 

इन सच्चाई का प्रकट हज़रत मौलाना मुफती सैय्यद ज़िया उद्दीन नक्षबंदी खादरी, महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया, प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर ने AHIRC के प्रति प्रबन्ध मसजिद अबुल हसनात रहमतुल्लाहि अलैह जहाँ नुमा हैद्राबाद में साप्ताहिक लेक्चर के दौरान किया। 

 

मुफती साहब क़िबला ने फरमाया के क़ुरान करीम में अनेक स्थान पर ध्यान दिलाया गया के बन्दे इस से उपदेश व नसीहत प्राप्त करें, उपदेश प्राप्त करने के लिए क़ुरान को आसान व सरल कर दिया गया, एवं जैसा के अल्लाह तआला का आदेश हैः-

 

भाषांतरः निश्चय हम ने क़ुरान को नसीहत के लिए अनुकूल और सहज कर दिया है, तो है कोई नसीहत स्वीकार करने वाला। 

 

(सुरह अल क़मर: 54:17) 

 

मुफती साहब ने फरमाया क़ुरान करीम – मार्गदर्शन व शिक्षा की ग्रन्थ को अल्लाह तआला ने अपनी हबीब करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के पावन हृदय पर प्रकट कर के आयतों की स्पष्टीकरण व व्याख्या की तफसील आप (सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम) के हवाल कर दिया। 

 

सरकार पाक सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम को विवरण का आदेश भी दिया तथा विस्तार का अधिकार भी दिया।  इसी लिए आप क़ुरान की आयतों के व्याख्या करने वाले भी हैं तथा इस्लाम के नियम के विधि-निर्माता भी। 

 

जैसा के क़ुरान पाक में सुरह नहल में अल्लाह तआला का आदेश हैः-

 

भाषांतरः अए नबी करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम!  निश्चय हम ने आप की ओर विशाल ज़िक्र (क़ुरान) प्रकट किया।  ताकि आप लोगों के लिए (इस के अहकाम) खूब स्पष्ट करें जो, इन की ओर उतारे गए हैं। 

 

(सुरह अन नहलः 16:44) 

 

मुफती साहब क़िबला ने फरमाया के क़ुरान करीम, मार्गदर्शन का अनन्त समंदर है।  इसे बुद्धि व समझ के साथ पढ़ा जाए, क़ुरानी आयतों से उपदेश व अनुशासन प्राप्त की जाए तथा क़ुरानी अहकाम व प्रावधान को नित्य प्रयोग व कार्यप्रणाली में लाना एवं इस की आवश्यकताओं को पूरा करना। 

 

लेक्चर के बाद ज़िक्र व सुलूक का हल्क़ा हुआ, और मुफती साहब क़िबला की विशष दुआ पर सभा का अंत हुआ। 

 
     
   
     
 
 
   
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