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List of Articles
  WS: 94   
पति यदि बीवी को अति कठिन काम का भी आदेश दे तो वह इस को संपादन करे

  WS: 93   
बीवी अपने पति को और एक मनुष्य दुसरे मनुष्य को जीवन में और ना मरने के बाद क़ब्र को सजदा करे

  WS: 92   
बीवी के लिए अल्लाह के बाद आज्ञापालन में पति का दर्जा है

  WS: 91   
सर्वश्रेष्ठ महिला के गुण व लक्षण

  WS: 90   
पति की संतुष्टि पत्नी के जन्नत में दाखिल होने का कारण

  WS: 89   
नारी को जन्नत में प्रवेश करने वाले कर्म

  WS: 88   
किसी की ओर झूठ बाँधने की मज़म्मत

  WS: 87   
हज़रत सफवान की पत्नी की हुज़ूर की सेवा में अपने पति की शिकायत और इस पर हुज़ूर का निर्णय

  WS: 86   
पत्नी को पति की हाजत तुरंत पूरी करना चाहिए

  WS: 85   
पत्नी पर फरिश्तों की लानत और अल्लाह तआला की नाराज़गी का क्या कारण है

WS: 89 - नारी को जन्नत में प्रवेश करने वाले कर्म

  नारी को जन्नत में प्रवेश करने वाले कर्म

 

भाषांतरः हज़रत अनस रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से वर्णित है वह फरमाती हैं के रसूलउल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने आदेश किया है के जो महिला पाँचो समय की नमाज़ पढ़ती रहती हो और रमज़ान के रोज़े रखती हो और अपनी शर्मगाह (गुप्तांग) की सुरक्षा करती रही हो एवं अपने पति की आज्ञापालन करती रहे तो वह जन्नत के जिस दरवाज़े से चाहे प्रवेश हो जाए। 

 

(इस की रिवायत अबु नुअम ने हिलये में की है

 

{उद्धरणः नूरुल मसाबीहजिल्द 08}

 


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