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List of Articles
  WS: 94   
पति यदि बीवी को अति कठिन काम का भी आदेश दे तो वह इस को संपादन करे

  WS: 93   
बीवी अपने पति को और एक मनुष्य दुसरे मनुष्य को जीवन में और ना मरने के बाद क़ब्र को सजदा करे

  WS: 92   
बीवी के लिए अल्लाह के बाद आज्ञापालन में पति का दर्जा है

  WS: 91   
सर्वश्रेष्ठ महिला के गुण व लक्षण

  WS: 90   
पति की संतुष्टि पत्नी के जन्नत में दाखिल होने का कारण

  WS: 89   
नारी को जन्नत में प्रवेश करने वाले कर्म

  WS: 88   
किसी की ओर झूठ बाँधने की मज़म्मत

  WS: 87   
हज़रत सफवान की पत्नी की हुज़ूर की सेवा में अपने पति की शिकायत और इस पर हुज़ूर का निर्णय

  WS: 86   
पत्नी को पति की हाजत तुरंत पूरी करना चाहिए

  WS: 85   
पत्नी पर फरिश्तों की लानत और अल्लाह तआला की नाराज़गी का क्या कारण है

WS: 88 - किसी की ओर झूठ बाँधने की मज़म्मत

  किसी की ओर झूठ बाँधने की मज़म्मत

 

भाषांतरः हज़रत अस्मा बिन्त अबी बक्र रज़ियल्लाहु तआला अन्हा से वर्णित है के एक स्त्री ने निवेदन किया के या रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम मेरी एक सौकन है यदि मैं (उसके सामने) ये स्पष्ट करुँ के मेरे पति ने मुझे ये चीज़ दी है हालाँकि उस ने नहीं दी है तो क्या मेरे लिए ये पाप की बात होगी।  (ये सुन कर) रसूलउल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फरमाया के स्पष्ट करने वाला इस चीज़ का जिस को वह नहीं मिली है इस मिसाल उस व्यक्ति की सी है जो झूठ और फरेब के दो कपड़े पहनते हों (यानी मक्कार और धोकेबाज़ है)। 

 

(इस की रिवायत बुखारी और मुसलिम ने की है)।

 

{उद्धरणः नूरुल मसाबीहजिल्द 08}

 


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